मामला क्या है?
छत्तीसगढ़ सरकार के वित्त विभाग ने संविदा कर्मचारियों को दिए जाने वाले lump-sum contractual pay से संबंधित व्यवस्था की जानकारी ओडिशा सरकार से मांगी है।
ओडिशा सरकार के आधिकारिक e-Despatch पोर्टल पर दर्ज रिकॉर्ड के अनुसार, 3 सितंबर 2026 को General Administration & Public Grievance Department में छत्तीसगढ़ वित्त विभाग से प्राप्त इस संबंध में communication को forward किया गया।
इससे संकेत मिलता है कि छत्तीसगढ़ सरकार संविदा कर्मचारियों के वेतन मॉडल को लेकर ओडिशा की व्यवस्था का अध्ययन कर रही है।
ओडिशा मॉडल क्यों महत्वपूर्ण है?
ओडिशा में contractual employees के संबंध में पहले से अलग-अलग नियम एवं व्यवस्थाएं लागू रही हैं। ओडिशा सरकार ने 2022 में contractual appointment से जुड़े नियमों में बदलाव करते हुए कुछ श्रेणियों के कर्मचारियों के regularisation और pay fixation के प्रावधान किए थे। आधिकारिक दस्तावेज के अनुसार, संबंधित contractual employees को regularisation के बाद pay fixation में contractual appointment की तारीख को ध्यान में रखते हुए notional increments दिए जाने का प्रावधान किया गया था।
इसी कारण छत्तीसगढ़ द्वारा ओडिशा की व्यवस्था के संबंध में जानकारी मांगना परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण राज्य-प्रशासनिक घटनाक्रम है।
क्या छत्तीसगढ़ में नया वेतन मॉडल लागू हो गया है?
नहीं।
अभी उपलब्ध आधिकारिक रिकॉर्ड से इतना स्पष्ट है कि छत्तीसगढ़ ने ओडिशा से lump-sum contractual pay से संबंधित जानकारी/communication किया है। इससे यह निष्कर्ष नहीं निकाला जाना चाहिए कि ओडिशा का पूरा वेतन मॉडल छत्तीसगढ़ में लागू हो चुका है।
इसलिए इस Current Affair में “मॉडल लागू” की जगह “ओडिशा मॉडल का अध्ययन/जानकारी प्राप्त करने की पहल” लिखना अधिक सही है।
संविदा कर्मचारियों का महत्व
छत्तीसगढ़ में विभिन्न सरकारी विभागों और संस्थानों में संविदा आधार पर कर्मचारियों की नियुक्तियां होती हैं। राज्य के रोजगार विभाग के पोर्टल पर भी वर्तमान में विभिन्न संविदा भर्ती के विज्ञापन प्रकाशित होते हैं। उदाहरण के लिए, पोर्टल पर NRLM के अंतर्गत 33 प्रकार के कुल 202 पदों पर संविदा भर्ती का विज्ञापन प्रदर्शित किया गया है।
इसलिए संविदा कर्मचारियों की सेवा शर्तें और वेतन व्यवस्था राज्य के रोजगार एवं प्रशासनिक ढांचे के लिए महत्वपूर्ण विषय हैं।