छत्तीसगढ़ निर्यात प्रोत्साहन नीति 2026-30 क्या है?
छत्तीसगढ़ निर्यात प्रोत्साहन नीति 2026-30 राज्य सरकार की नई नीति है, जिसका मुख्य उद्देश्य छत्तीसगढ़ को देश के प्रमुख निर्यात केंद्र के रूप में विकसित करना है।
इस नीति को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में 9 सितंबर 2026 को हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में मंजूरी दी गई।
नीति के प्रमुख उद्देश्य
नीति के माध्यम से राज्य में एक मजबूत Export Ecosystem विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके प्रमुख उद्देश्य हैं:
- निर्यात इकोसिस्टम को मजबूत करना।
- लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करना।
- निर्यातकों को बेहतर बाजार पहुंच उपलब्ध कराना।
- व्यापार सुविधाओं में सुधार करना।
- कृषि क्षेत्र के मूल्य संवर्धित उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देना।
- औद्योगिक क्षेत्र के value-added products को अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाना।
- प्रदेश के उद्यमियों एवं निर्यातकों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जोड़ना।
ई-कॉमर्स और अंतरराष्ट्रीय बाजार
नीति में ई-कॉमर्स को भी महत्वपूर्ण माध्यम के रूप में शामिल किया गया है।
ई-कॉमर्स, व्यापार मेलों और प्रदर्शनियों के माध्यम से छत्तीसगढ़ के उद्यमियों और निर्यातकों की अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक सीधी पहुंच बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा। इससे स्थानीय उत्पादों को बड़े बाजारों तक पहुंचाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
कृषि एवं औद्योगिक उत्पादों पर जोर
नई नीति में केवल कच्चे माल के निर्यात के बजाय मूल्य संवर्धित उत्पादों (Value Added Products) के निर्यात को बढ़ावा देने पर विशेष जोर है।
इसका अर्थ है कि राज्य में उपलब्ध कृषि एवं औद्योगिक संसाधनों को processing और value addition के माध्यम से अधिक मूल्य वाले उत्पादों में बदलकर राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर
निर्यात को बढ़ावा देने के लिए केवल उत्पादन पर्याप्त नहीं होता। उत्पादों को बाजार तक कम लागत और कम समय में पहुंचाना भी आवश्यक है।
इसीलिए नीति में लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने पर जोर दिया गया है। इससे राज्य के निर्यातकों को बेहतर व्यापार सुविधा और बाजार तक पहुंच मिलने की संभावना है।
राज्य के निर्यात में वृद्धि का लक्ष्य
नीति का उद्देश्य छत्तीसगढ़ के निर्यात में गुणात्मक एवं मात्रात्मक वृद्धि करना है।
इसके साथ राज्य को राष्ट्रीय एवं वैश्विक बाजारों से और मजबूती से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।