छत्तीसगढ़ सरकार ने कुपोषण और एनीमिया की समस्या से निपटने के लिए ‘हर घर मुनगा, घर-घर मुनगा’ अभियान शुरू किया है। अभियान का विधिवत शुभारंभ तीजा-पोरा पर्व के अवसर पर मुख्यमंत्री निवास परिसर में किया गया।
अभियान के दौरान इसके आधिकारिक लोगो का अनावरण किया गया तथा पोषण जागरूकता के लिए ‘सुपोषण रथ’ को रवाना किया गया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में शुरू किए गए इस अभियान में महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े की विशेष भूमिका है।
अभियान के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों, स्कूलों, पोषण वाटिकाओं और ग्रामीण परिवारों की बाड़ियों में मुनगा के पौधे लगाए और वितरित किए जाएंगे। विशेष रूप से ग्रामीण एवं वनांचल क्षेत्रों की माताओं, किशोरियों और बच्चों तक स्थानीय स्तर पर पौष्टिक खाद्य उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया है।
अभियान के प्रमुख आंकड़े
प्रदेश के 52,553 आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से लगभग 7.88 लाख परिवारों को अभियान से जोड़ने का लक्ष्य है। प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र क्षेत्र में 15 मुनगा पौधे लगाने और उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी तय की गई है।
पौधों की स्थिति की निगरानी के लिए डिजिटल डैशबोर्ड तैयार किया गया है। इसके माध्यम से पौधों के जीवित रहने, क्षति और आवश्यकता पड़ने पर पुनःरोपण की स्थिति की जानकारी की समीक्षा की जाएगी।
प्रशासनिक निगरानी
अभियान के लिए मंत्रालय से लेकर ग्राम स्तर तक जिम्मेदारी तय की गई है।
- राज्य स्तर: विभागीय सचिव की अध्यक्षता में समिति
- जिला स्तर: कलेक्टर की अध्यक्षता में समन्वय
- विकासखंड स्तर: SDM की अध्यक्षता में समन्वय
- मैदानी स्तर: DPO, CDPO/परियोजना अधिकारी, पर्यवेक्षक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका
इससे अभियान की प्रगति और पौधों की स्थिति की नियमित निगरानी का प्रावधान है।