🏛️ छत्तीसगढ़ सरकार
कृषक उन्नति योजना 2026
प्रकाशित: 01-09-2026
उद्देश्य
योजना को शुरू करने का कारण और उससे मिलने वाला मुख्य फायदा।
कृषक उन्नति योजना का उद्देश्य छत्तीसगढ़ के किसानों की आय और कृषि उत्पादकता को बढ़ावा देना है। योजना के माध्यम से किसानों को बेहतर कृषि इनपुट एवं आधुनिक तकनीक अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। इसके साथ ही फसल विविधीकरण को बढ़ावा देकर किसानों को धान के अलावा दलहन, तिलहन, मक्का, कोदो-कुटकी, रागी और कपास जैसी फसलों की ओर प्रोत्साहित करना योजना का महत्वपूर्ण उद्देश्य है।
वित्तीय वर्ष 2026-27 में छत्तीसगढ़ सरकार ने कृषक उन्नति योजना के लिए ₹10,000 करोड़ का प्रावधान किया है।
वित्तीय वर्ष 2026-27 में छत्तीसगढ़ सरकार ने कृषक उन्नति योजना के लिए ₹10,000 करोड़ का प्रावधान किया है।
पात्रता
योजना का लाभ पाने के लिए आवश्यक योग्यता, आयु, आय सीमा, निवास आदि।
छत्तीसगढ़ के पात्र किसान इस योजना के लाभ के लिए पात्र होते हैं।
योजना के अंतर्गत लाभ प्राप्त करने के लिए किसान का संबंधित कृषि/किसान पंजीयन रिकॉर्ड उपलब्ध होना आवश्यक है।
किसानों का पंजीकरण एकीकृत किसान पोर्टल (Integrated Farmer Portal) के माध्यम से किया जाता है।
योजना के अंतर्गत पात्रता, फसल एवं लाभ की वास्तविक शर्तें संबंधित वर्ष में छत्तीसगढ़ शासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार निर्धारित होती हैं।
योजना के अंतर्गत लाभ प्राप्त करने के लिए किसान का संबंधित कृषि/किसान पंजीयन रिकॉर्ड उपलब्ध होना आवश्यक है।
किसानों का पंजीकरण एकीकृत किसान पोर्टल (Integrated Farmer Portal) के माध्यम से किया जाता है।
योजना के अंतर्गत पात्रता, फसल एवं लाभ की वास्तविक शर्तें संबंधित वर्ष में छत्तीसगढ़ शासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार निर्धारित होती हैं।
लाभ
योजना के तहत मिलने वाली आर्थिक सहायता, सुविधा, सब्सिडी, बीमा या अन्य लाभ।
कृषक उन्नति योजना के माध्यम से पात्र किसानों को कृषि उत्पादन और आय बढ़ाने के लिए सरकारी सहायता/अनुदान का लाभ दिया जाता है।
योजना के अंतर्गत फसल विविधीकरण को प्रोत्साहित किया जा रहा है।
2026-27 में योजना के लिए ₹10,000 करोड़ का बजट प्रावधान किया गया है।
दलहन, तिलहन, मक्का, कोदो-कुटकी, रागी और कपास जैसी फसलों को प्रोत्साहित करने पर विशेष जोर दिया गया है।
योजना का उद्देश्य किसानों को बेहतर कृषि इनपुट और आधुनिक कृषि तकनीक अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना भी है।
योजना के अंतर्गत फसल विविधीकरण को प्रोत्साहित किया जा रहा है।
2026-27 में योजना के लिए ₹10,000 करोड़ का बजट प्रावधान किया गया है।
दलहन, तिलहन, मक्का, कोदो-कुटकी, रागी और कपास जैसी फसलों को प्रोत्साहित करने पर विशेष जोर दिया गया है।
योजना का उद्देश्य किसानों को बेहतर कृषि इनपुट और आधुनिक कृषि तकनीक अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना भी है।
जरूरी दस्तावेज
आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेज और प्रमाण पत्र।
आधार कार्ड
किसान पंजीयन/किसान आईडी से संबंधित जानकारी
बैंक खाता एवं बैंक पासबुक की जानकारी
भूमि/कृषि भूमि से संबंधित दस्तावेज, यदि संबंधित आवेदन/लाभ के लिए आवश्यक हों
मोबाइल नंबर
संबंधित विभाग द्वारा मांगे गए अन्य आवश्यक दस्तावेज
किसान पंजीयन/किसान आईडी से संबंधित जानकारी
बैंक खाता एवं बैंक पासबुक की जानकारी
भूमि/कृषि भूमि से संबंधित दस्तावेज, यदि संबंधित आवेदन/लाभ के लिए आवश्यक हों
मोबाइल नंबर
संबंधित विभाग द्वारा मांगे गए अन्य आवश्यक दस्तावेज
आवेदन प्रक्रिया
योजना के लिए आवेदन करने का ऑनलाइन या ऑफलाइन तरीका।
1. छत्तीसगढ़ के किसान संबंधित किसान/कृषि पोर्टल पर अपना पंजीयन सुनिश्चित करें।
2. किसान का पंजीकरण Integrated Farmer Portal के माध्यम से किया जाता है।
3. पंजीयन के दौरान आवश्यक व्यक्तिगत, बैंक एवं कृषि संबंधी जानकारी दर्ज करें।
4. योजना के लिए निर्धारित पात्रता एवं संबंधित फसल/कृषि संबंधी शर्तों को पूरा करें।
5. आवश्यक होने पर संबंधित दस्तावेज एवं जानकारी उपलब्ध कराएं।
6. आवेदन/पंजीयन की जानकारी संबंधित विभाग द्वारा सत्यापित की जाती है।
7. पात्र पाए जाने पर योजना के निर्धारित नियमों के अनुसार किसान को लाभ प्रदान किया जाता है।
2. किसान का पंजीकरण Integrated Farmer Portal के माध्यम से किया जाता है।
3. पंजीयन के दौरान आवश्यक व्यक्तिगत, बैंक एवं कृषि संबंधी जानकारी दर्ज करें।
4. योजना के लिए निर्धारित पात्रता एवं संबंधित फसल/कृषि संबंधी शर्तों को पूरा करें।
5. आवश्यक होने पर संबंधित दस्तावेज एवं जानकारी उपलब्ध कराएं।
6. आवेदन/पंजीयन की जानकारी संबंधित विभाग द्वारा सत्यापित की जाती है।
7. पात्र पाए जाने पर योजना के निर्धारित नियमों के अनुसार किसान को लाभ प्रदान किया जाता है।
अधिकारी/विभाग
योजना को संचालित करने वाला संबंधित मंत्रालय, विभाग या कार्यालय।
कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी विभाग, छत्तीसगढ़ शासन