रेशम से रोशन जशपुर योजना 2026
उद्देश्य
योजना को शुरू करने का कारण और उससे मिलने वाला मुख्य फायदा।
इस पहल के माध्यम से रेशम उत्पादन को केवल कोसा उत्पादन तक सीमित न रखते हुए टसर धागाकरण, कताई, बीज उत्पादन, मलबरी बागान तथा अन्य मूल्यवर्धित गतिविधियों को बढ़ावा देकर स्थानीय स्तर पर रेशम की पूरी value chain को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है।
योजना का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य महिलाओं को रेशम धागाकरण एवं कताई से जोड़कर उन्हें स्वरोजगार और आर्थिक आत्मनिर्भरता का अवसर प्रदान करना है।
पात्रता
योजना का लाभ पाने के लिए आवश्यक योग्यता, आयु, आय सीमा, निवास आदि।
टसर रेशम उत्पादन, टसर कीटपालन, मलबरी रेशम उत्पादन, बीज उत्पादन, धागाकरण एवं कताई जैसी गतिविधियों में रुचि रखने वाले पात्र हितग्राहियों को संबंधित रेशम विभागीय योजनाओं के अनुसार लाभ दिया जाता है।
महिलाओं को टसर धागाकरण एवं कताई गतिविधियों से जोड़कर स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
अंतिम पात्रता एवं लाभ संबंधित रेशम विभाग की योजना तथा उपलब्ध संसाधनों के अनुसार निर्धारित किए जाते हैं।
लाभ
योजना के तहत मिलने वाली आर्थिक सहायता, सुविधा, सब्सिडी, बीमा या अन्य लाभ।
टसर धागाकरण एवं कताई से जुड़ने वाली महिलाओं को मशीन एवं प्रशिक्षण की सुविधा दी जा रही है।
टसर धागाकरण के लिए ₹12,000 की रीलिंग मशीन पर 100 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है।
कताई के लिए ₹9,000 की स्पीनिंग मशीन पर 100 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है।
धागाकरण एवं कताई से जुड़ी महिलाओं को एक माह का निःशुल्क प्रशिक्षण दिया जाता है।
मलबरी बागान विकसित करने के लिए संबंधित योजना के अंतर्गत ₹5 लाख तक के अनुदान का प्रावधान बताया गया है।
टसर कोसा का शासन द्वारा ग्रेड के अनुसार निर्धारित दर पर क्रय किया जाता है।
जरूरी दस्तावेज
आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेज और प्रमाण पत्र।
आधार कार्ड
बैंक खाते से संबंधित विवरण
भूमि/बागान से संबंधित दस्तावेज, यदि संबंधित योजना के लिए आवश्यक हो
किसान/हितग्राही पंजीयन संबंधी जानकारी
संबंधित रेशम उत्पादन केंद्र द्वारा मांगे गए आवश्यक दस्तावेज
आवेदन प्रक्रिया
योजना के लिए आवेदन करने का ऑनलाइन या ऑफलाइन तरीका।
2. रेशम विभाग द्वारा संचालित टसर एवं मलबरी रेशम से संबंधित योजनाओं की जानकारी प्राप्त करें।
3. अपनी पात्रता एवं उपलब्ध योजना के अनुसार संबंधित गतिविधि का चयन करें।
4. आवश्यक आवेदन एवं दस्तावेज संबंधित रेशम विभागीय केंद्र में जमा करें।
5. विभाग द्वारा पात्रता एवं उपलब्ध संसाधनों के अनुसार आवेदन का परीक्षण किया जाएगा।
6. पात्र हितग्राहियों को संबंधित योजना के नियमों के अनुसार प्रशिक्षण, मशीन, पौधरोपण, तकनीकी मार्गदर्शन या अन्य सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
अधिकारी/विभाग
योजना को संचालित करने वाला संबंधित मंत्रालय, विभाग या कार्यालय।
📌 अन्य महत्वपूर्ण जानकारी
रेशम से रोशन जशपुर योजना छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में रेशम उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई महत्वपूर्ण पहल है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 17 अगस्त 2026 को मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय बगिया से इस पहल का शुभारंभ किया।वर्ष 2025-26 में जशपुर जिला टसर कोसा उत्पादन में पूरे छत्तीसगढ़ में प्रथम स्थान पर रहा। जिले में 1,527.5 हेक्टेयर क्षेत्र में नवीन एवं विकसित पौधरोपण किया गया है।जिले में 66 रेशम उत्पादन केंद्र और 84 कृमिपालन समूह सक्रिय हैं तथा कुल 1,939 किसान रेशम उत्पादन से जुड़े हुए हैं।महिलाओं को टसर धागाकरण एवं कताई से जोड़ने के लिए रीलिंग और स्पीनिंग मशीन पर 100 प्रतिशत अनुदान तथा एक माह का निःशुल्क प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
योजना से जुड़े सामान्य सवालों के आसान जवाब