छत्तीसगढ़ में Green Steel को लेकर क्या हुआ?
छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के Steel Industry को अधिक पर्यावरण-अनुकूल और उच्च मूल्य वाले औद्योगिक उत्पादन की दिशा में आगे बढ़ाने के लिए Green Steel पर विशेष जोर दिया है।
इसी उद्देश्य से छत्तीसगढ़ शासन और भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) के सहयोग से 13 अगस्त 2026 को रायपुर में “Chhattisgarh Industry Dialogue on Green Steel” आयोजित किया गया।
इस कार्यक्रम में Green Steel और इससे संबंधित औद्योगिक परियोजनाओं के लिए कुल ₹13,840 करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। इन परियोजनाओं से राज्य में 10,921 प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है।
Green Steel क्या है?
Green Steel से आशय ऐसे Steel Production से है जिसमें पारंपरिक Steel Manufacturing की तुलना में Greenhouse Gas और विशेष रूप से Carbon Emissions को कम करने का प्रयास किया जाता है।
Steel Industry ऊर्जा और Carbon Emissions की दृष्टि से एक महत्वपूर्ण औद्योगिक क्षेत्र है। इसलिए भविष्य में Steel Production को अधिक Sustainable बनाने के लिए Renewable Energy, Energy Efficiency, Scrap-based production, Green Hydrogen और अन्य Cleaner Technologies जैसी तकनीकों की भूमिका बढ़ रही है।
छत्तीसगढ़ के लिए Green Steel क्यों महत्वपूर्ण है?
छत्तीसगढ़ देश के प्रमुख Steel और Iron Ore producing राज्यों में शामिल है। राज्य की औद्योगिक अर्थव्यवस्था में Mining और Steel Industry की महत्वपूर्ण भूमिका है।
राज्य सरकार अब केवल Iron Ore और Primary Steel उत्पादन तक सीमित रहने के बजाय Steel से जुड़े अधिक से अधिक Value-Added Products का निर्माण राज्य के भीतर करने पर जोर दे रही है।
इससे एक ओर राज्य में औद्योगिक गतिविधियां बढ़ सकती हैं, वहीं दूसरी ओर रोजगार और स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिल सकता है।
₹13,840 करोड़ के निवेश प्रस्ताव
Chhattisgarh Industry Dialogue on Green Steel में ₹13,840 करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं।
इन प्रस्तावों से लगभग 10,921 प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना बताई गई है। यह निवेश राज्य में Green Steel तथा Downstream Manufacturing को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
ध्यान देने योग्य बात यह है कि ₹13,840 करोड़ प्राप्त निवेश प्रस्तावों की राशि है, इसे राज्य सरकार द्वारा सीधे खर्च किए जाने वाले ₹13,840 करोड़ के बजट के रूप में नहीं समझना चाहिए।
Downstream Manufacturing पर जोर
राज्य सरकार का लक्ष्य है कि छत्तीसगढ़ में उत्पादित Steel का अधिकतम Value Addition राज्य के भीतर ही हो।
इसके लिए Primary Steel को सीधे बाहर भेजने के बजाय उससे विभिन्न Finished और Specialised Products तैयार करने पर जोर दिया जा रहा है।
इनमें मुख्य रूप से निम्न क्षेत्रों के लिए उत्पाद शामिल हैं:
• Automobile और Auto Components
• Engineering Products
• Railway Equipment
• Defence Equipment
• Solar Energy Equipment
इस प्रकार Downstream Manufacturing बढ़ने से Steel Value Chain के अधिक हिस्से को राज्य के भीतर विकसित करने में मदद मिल सकती है।
Green Steel और पर्यावरण
पारंपरिक Steel Production में Coal और अन्य fossil fuels के उपयोग के कारण Carbon Emissions काफी अधिक हो सकते हैं।
Green Steel की दिशा में बदलाव का उद्देश्य Steel Production को अधिक resource-efficient और कम carbon-intensive बनाना है।
इसके लिए भविष्य में Renewable Energy, Green Hydrogen, Energy Efficiency और Cleaner Production Technologies जैसी तकनीकों का उपयोग महत्वपूर्ण हो सकता है।
छत्तीसगढ़ की Industrial Economy के लिए महत्व
छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था में खनन और Steel Industry का महत्वपूर्ण स्थान है। Green Steel के साथ Downstream Manufacturing को जोड़ने से राज्य केवल raw material और primary steel producer के रूप में नहीं, बल्कि value-added industrial products के manufacturing hub के रूप में अपनी स्थिति मजबूत कर सकता है।
इससे निवेश, रोजगार, technology adoption और industrial diversification को बढ़ावा मिलने की संभावना है।
Industrial Development Policy से संबंध
छत्तीसगढ़ में Industrial Development Policy 2024-30 लागू है। Green Steel में निवेश आकर्षित करने की पहल को राज्य की broader industrial development और investment promotion strategy के संदर्भ में देखा जा सकता है।
उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, इस नई industrial policy के लागू होने के बाद पिछले 18 महीनों में राज्य को लगभग ₹8 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं।
निष्कर्ष
छत्तीसगढ़ में Green Steel को लेकर ₹13,840 करोड़ के निवेश प्रस्ताव राज्य के Steel Sector को अधिक Sustainable और Value-Added दिशा में ले जाने की संभावनाओं को दर्शाते हैं।
इस पहल का महत्व केवल निवेश तक सीमित नहीं है। राज्य में Steel का अधिकतम Value Addition, Downstream Manufacturing, रोजगार सृजन और Cleaner Industrial Development को एक साथ बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है।