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CG, छत्तीसगढ़ करेंट अफेयर्स 📅 09 Sep 2026 ★ Featured

छत्तीसगढ़ में कुपोषण: स्थिति, प्रमुख आंकड़े, कारण एवं सरकारी प्रयास

छत्तीसगढ़ में कुपोषण लंबे समय से सार्वजनिक स्वास्थ्य और बाल विकास से जुड़ी प्रमुख चुनौती रहा है। कुपोषण में बच्चों का बौनापन (Stunting), दुबलापन/क्षीणता (Wasting) और कम वजन (Underweight) जैसी स्थितियां शामिल हैं। NFHS-5 (2019-21) के अनुसार छत्तीसगढ़ में 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों में 34.6% Stunting, 18.9% Wasting और 31.3% Underweight दर्ज किया गया था। 

राज्य सरकार द्वारा आंगनबाड़ी केंद्रों, पोषण कार्यक्रमों और बच्चों के नियमित वजन एवं पोषण स्तर की निगरानी के माध्यम से कुपोषण कम करने के प्रयास किए जा रहे हैं। 2025 के राज्य सरकार के प्रकाशन में कुपोषण दर को 14.67% बताया गया है।

📰 समाचार / महत्वपूर्ण जानकारी

छत्तीसगढ़ में कुपोषण क्या है?

कुपोषण ऐसी स्थिति है जिसमें व्यक्ति को शरीर की आवश्यकता के अनुसार पर्याप्त या संतुलित पोषक तत्व नहीं मिलते। बच्चों में इसका प्रभाव शारीरिक वृद्धि, मानसिक विकास, प्रतिरक्षा क्षमता और भविष्य के स्वास्थ्य पर पड़ सकता है।

बच्चों में कुपोषण को मापने के प्रमुख संकेतकों में:

  1. Stunting (बौनापन) — उम्र के हिसाब से बच्चे की लंबाई कम होना।
  2. Wasting (क्षीणता) — लंबाई के अनुपात में बच्चे का वजन कम होना।
  3. Underweight (कम वजन) — उम्र के हिसाब से बच्चे का वजन कम होना।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अनुसार बाल कुपोषण का बच्चों के जीवित रहने, शारीरिक एवं संज्ञानात्मक विकास और भविष्य की उत्पादकता पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।

छत्तीसगढ़ की स्थिति

NFHS-5 (2019-21) के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार छत्तीसगढ़ में 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों में:

संकेतकछत्तीसगढ़
Stunting34.6%
Wasting18.9%
Underweight31.3%
Severe Wasting7.5%

ये आंकड़े भारत सरकार द्वारा संसद में प्रस्तुत NFHS-5 के राज्यवार आंकड़ों से लिए गए हैं।

कुपोषण के प्रमुख कारण

छत्तीसगढ़ में कुपोषण के पीछे कई सामाजिक, आर्थिक और स्वास्थ्य संबंधी कारण हो सकते हैं:

  • संतुलित एवं पर्याप्त आहार की कमी
  • गरीबी एवं खाद्य असुरक्षा
  • बच्चों में बार-बार होने वाले संक्रमण
  • मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं
  • गर्भावस्था के दौरान अपर्याप्त पोषण
  • स्तनपान एवं पूरक आहार से जुड़ी कमियां
  • स्वच्छ पेयजल एवं स्वच्छता की समस्याएं
  • पोषण संबंधी जागरूकता की कमी
  • दूरस्थ एवं आदिवासी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं तक सीमित पहुंच

राज्य सरकार के प्रयास

छत्तीसगढ़ में कुपोषण की पहचान और रोकथाम में आंगनबाड़ी केंद्रों की महत्वपूर्ण भूमिका है। बच्चों के पोषण स्तर की निगरानी के लिए राज्य में वजन त्यौहार जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।

महिला एवं बाल विकास विभाग के अनुसार वर्ष 2026 में आंगनबाड़ी केंद्रों में वजन त्यौहार 9 फरवरी 2026 से आयोजित किया गया, जिसके माध्यम से शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के आंगनबाड़ी केंद्रों में दर्ज बच्चों के पोषण स्तर की जांच की गई।

राज्य सरकार के 2025 के आधिकारिक प्रकाशन में बताया गया है कि राज्य में आंगनबाड़ी केंद्रों की संख्या 21,125 से बढ़कर लगभग 52,575 और पोषण योजनाओं के बाल लाभार्थियों की संख्या 23.56 लाख हुई है। उसी प्रकाशन में कुपोषण दर 14.67% बताई गई है।

केंद्र सरकार के पोषण ट्रैकर के माध्यम से भी 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों में Stunting, Wasting और Underweight जैसे पोषण परिणामों तथा आंगनबाड़ी सेवाओं की निगरानी की जाती है। अगस्त 2026 में PIB ने बताया कि पोषण ट्रैकर के सार्वजनिक डैशबोर्ड पर पोषण संबंधी वर्षवार जानकारी उपलब्ध है।

📌 परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य

  • विषय: छत्तीसगढ़ में कुपोषण
  • NFHS-5 अवधि: 2019-21
  • Stunting: 34.6%
  • Wasting: 18.9%
  • Underweight: 31.3%
  • Severe Wasting: 7.5%
  • प्रमुख संस्था: महिला एवं बाल विकास विभाग, छत्तीसगढ़
  • महत्वपूर्ण केंद्र: आंगनबाड़ी केंद्र
  • महत्वपूर्ण कार्यक्रम: वजन त्यौहार
  • डिजिटल निगरानी: पोषण ट्रैकर
  • 2026 वजन त्यौहार: 9 फरवरी 2026 से
  • 2025 राज्य प्रकाशन में बताई कुपोषण दर: 14.67%
  • 2025 में बताए आंगनबाड़ी केंद्र: लगभग 52,575
  • पोषण योजनाओं के बाल लाभार्थी: लगभग 23.56 लाख
  • 💡 व्याख्या

    छत्तीसगढ़ में कुपोषण को समझने के लिए केवल एक प्रतिशत देखना पर्याप्त नहीं है। Stunting, Wasting और Underweight अलग-अलग पोषण स्थितियों को दर्शाते हैं।

    उदाहरण के लिए, NFHS-5 में छत्तीसगढ़ के लिए Stunting 34.6% था, जिसका अर्थ है कि 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के एक महत्वपूर्ण हिस्से की उम्र के अनुपात में लंबाई कम थी। वहीं Wasting 18.9% था, जो बच्चे की लंबाई के अनुपात में कम वजन को दर्शाता है। 

    परीक्षा: CGPSC, CG Vyapam
    Tags: छत्तीसगढ़ में कुपोषण — स्थिति, आंकड़े, सरकारी योजनाएं एवं पोषण निगरानी
    Source: महिला एवं बाल विकास विभाग, छत्तीसगढ़ शासन;
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    Q1

    NFHS-5 (2019-21) के अनुसार छत्तीसगढ़ में 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों में Stunting की दर कितनी थी

    Q2

    छत्तीसगढ़ में बच्चों के पोषण स्तर की जांच के लिए 2026 में “वजन त्यौहार” कब से आयोजित किया गया?

    Q3

    NFHS-5 के अनुसार निम्नलिखित में से छत्तीसगढ़ में 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों में Underweight की दर कौन-सी थी?

    Q4

    बच्चों में Stunting का संबंध मुख्यतः किससे है?

    Q5

    निम्नलिखित में से कौन-सा युग्म सही सुमेलित है?