PM-JANMAN क्या है?
प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान यानी PM-JANMAN केंद्र सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका उद्देश्य विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों यानी Particularly Vulnerable Tribal Groups (PVTGs) के सामाजिक और आर्थिक विकास को बढ़ावा देना है।
इस अभियान की शुरुआत 15 नवंबर 2023 को की गई थी। इसका उद्देश्य PVTG समुदायों को उन बुनियादी सुविधाओं से जोड़ना है, जिनकी पहुंच इन समुदायों के दूरस्थ और कठिन भौगोलिक क्षेत्रों के कारण कई बार सीमित रहती है।
PVTG क्या है?
PVTG का पूरा नाम Particularly Vulnerable Tribal Groups है। हिंदी में इसे “विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह” कहा जाता है।
PVTGs जनजातीय समुदायों के भीतर ऐसे समूह हैं जिन्हें सामाजिक-आर्थिक और बुनियादी सुविधाओं की दृष्टि से विशेष सहायता की आवश्यकता होती है।
PM-JANMAN के अंतर्गत देश के 18 राज्यों और एक केंद्रशासित प्रदेश में रहने वाले 75 PVTG समुदायों को लक्षित किया गया है।
PM-JANMAN का मुख्य उद्देश्य
इस अभियान का उद्देश्य PVTG समुदायों तक आवश्यक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाना है।
इसके अंतर्गत मुख्य रूप से निम्न क्षेत्रों पर ध्यान दिया जाता है:
• सुरक्षित आवास
• स्वच्छ पेयजल
• स्वास्थ्य सुविधाएं
• पोषण
• शिक्षा
• सड़क संपर्क
• दूरसंचार कनेक्टिविटी
• विद्युतीकरण
• टिकाऊ आजीविका के अवसर
इन कार्यों को 9 केंद्रीय मंत्रालयों द्वारा लागू की जा रही 11 प्रमुख interventions के माध्यम से आगे बढ़ाया जा रहा है।
छत्तीसगढ़ में PM-JANMAN की स्थिति
छत्तीसगढ़ PM-JANMAN के प्रमुख राज्यों में शामिल है।
30 जून 2026 तक उपलब्ध केंद्र सरकार के आंकड़ों के अनुसार, छत्तीसगढ़ में PMAY-G के अंतर्गत 33,847 घर स्वीकृत किए गए थे और इनमें से 22,907 घरों का निर्माण पूरा हो चुका था।
इसी अवधि तक PMGSY के अंतर्गत 2,901.95 किलोमीटर सड़क कार्य स्वीकृत था, जिसमें 1,796 किलोमीटर का कार्य पूरा हो चुका था।
जल जीवन मिशन के अंतर्गत 1,422 गांवों को स्वीकृति दी गई थी और 500 गांवों को saturation status प्राप्त हो चुका था।
आंगनबाड़ी और पोषण सुविधाएं
PVTG समुदायों के बच्चों और महिलाओं के लिए पोषण तथा प्रारंभिक बाल विकास सेवाएं भी PM-JANMAN के महत्वपूर्ण हिस्सों में शामिल हैं।
छत्तीसगढ़ में 30 जून 2026 तक PM-JANMAN के तहत 191 आंगनबाड़ी केंद्र स्वीकृत किए गए थे और सभी 191 केंद्र operationalized हो चुके थे।
इन केंद्रों के माध्यम से Supplementary Nutrition, Pre-school Education, Nutrition and Health Education जैसी सेवाओं से संबंधित व्यवस्था की जाती है।
स्वास्थ्य सुविधाएं
दूरस्थ PVTG क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाना भी PM-JANMAN का महत्वपूर्ण उद्देश्य है।
इसके तहत Mobile Medical Units के माध्यम से last-mile healthcare access उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।
30 जून 2026 तक छत्तीसगढ़ के लिए 61 Mobile Medical Units स्वीकृत और operationalized बताई गई हैं।
शिक्षा के क्षेत्र में पहल
PM-JANMAN के अंतर्गत PVTG क्षेत्रों में शिक्षा तक पहुंच बढ़ाने के लिए भी intervention रखा गया है।
छत्तीसगढ़ में 40 शिक्षा संबंधी कार्य स्वीकृत किए गए थे। इससे PVTG समुदायों के बच्चों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाओं से जोड़ने का उद्देश्य है।
छत्तीसगढ़ में सड़क और कनेक्टिविटी
PVTG समुदायों की बस्तियां अक्सर दूरस्थ और कठिन भौगोलिक क्षेत्रों में स्थित होती हैं। इसलिए सड़क और telecom connectivity इनके सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए महत्वपूर्ण है।
छत्तीसगढ़ में PM-JANMAN के तहत 2,901.95 किलोमीटर सड़कें स्वीकृत की गई थीं और 1,796 किलोमीटर सड़क कार्य 30 जून 2026 तक पूरा हो चुका था।
इसके अलावा अगस्त 2025 में PM-JANMAN Batch-II के अंतर्गत छत्तीसगढ़ में 100 पुलों के निर्माण के लिए ₹375.71 करोड़ की मंजूरी दी गई थी। इन पुलों की कुल लंबाई 6,569.56 मीटर बताई गई थी।
आवास की स्थिति
PVTG परिवारों को सुरक्षित आवास उपलब्ध कराना PM-JANMAN का प्रमुख लक्ष्य है।
फरवरी 2026 में उपलब्ध सरकारी आंकड़ों के अनुसार छत्तीसगढ़ में PM-JANMAN के तहत 35,463 पात्र परिवारों के लिए लक्ष्य निर्धारित किया गया था, 33,237 घर स्वीकृत किए गए थे और 18,634 घर पूरे हो चुके थे।
बाद के 30 जून 2026 के आंकड़ों में स्वीकृत घरों की संख्या 33,847 और पूर्ण घरों की संख्या 22,907 बताई गई है।
PM-JANMAN और आजीविका
PM-JANMAN का उद्देश्य केवल infrastructure उपलब्ध कराना नहीं है। अभियान में PVTG परिवारों के लिए sustainable livelihood opportunities को भी शामिल किया गया है।
कौशल विकास और entrepreneurship से संबंधित गतिविधियों के लिए Van Dhan Vikas Kendras का उपयोग किया जा रहा है। मार्च 2026 की PIB जानकारी के अनुसार PM-JANMAN के skill और entrepreneurship component में VDVKs के माध्यम से PVTG समुदायों को जोड़ा जा रहा था।
PM-JANMAN का छत्तीसगढ़ के लिए महत्व
छत्तीसगढ़ में बड़ी संख्या में जनजातीय आबादी निवास करती है और राज्य के कई जनजातीय समुदाय वन एवं दूरस्थ क्षेत्रों में रहते हैं।
ऐसे क्षेत्रों में सड़क, आवास, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा और बिजली जैसी सुविधाओं की पहुंच बढ़ाना जनजातीय विकास के लिए महत्वपूर्ण है।
PM-JANMAN इन बुनियादी सुविधाओं को एक coordinated framework के माध्यम से PVTG समुदायों तक पहुंचाने का प्रयास करता है।
CGPSC के लिए क्यों महत्वपूर्ण?
PM-JANMAN CGPSC के लिए महत्वपूर्ण topic है क्योंकि इससे छत्तीसगढ़ की जनजातियां, जनजातीय विकास, केंद्र सरकार की योजनाएं, सामाजिक न्याय, ग्रामीण विकास और सरकारी योजनाओं के implementation से संबंधित प्रश्न बन सकते हैं।
CGPSC अभ्यर्थियों को विशेष रूप से PVTG का अर्थ, PM-JANMAN की शुरुआत, लक्षित समुदायों की संख्या, राज्यों की संख्या, प्रमुख interventions और छत्तीसगढ़ की progress के आंकड़े याद रखने चाहिए।
निष्कर्ष
PM-JANMAN विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों के समग्र विकास की दिशा में केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण पहल है। छत्तीसगढ़ में इसके तहत आवास, सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य, आंगनबाड़ी और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं के विस्तार पर काम किया जा रहा है।
30 जून 2026 तक उपलब्ध आंकड़े बताते हैं कि छत्तीसगढ़ में PM-JANMAN के कई components में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। इससे राज्य के PVTG समुदायों तक basic services और development opportunities पहुंचाने में मदद मिल सकती है।