छत्तीसगढ़ के रायगढ़ ने Waste-to-Wealth और Circular Economy की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। यहां स्टील उत्पादन से निकलने वाले Steel Slag को वैज्ञानिक तरीके से प्रोसेस करके सड़क निर्माण में इस्तेमाल किया गया।
CSIR-Central Road Research Institute (CSIR-CRRI), नई दिल्ली और Jindal Steel Limited के सहयोग से लगभग 1.85 किलोमीटर लंबी चार-लेन सड़क तैयार की गई। इसे Guinness World Records ने “World’s Longest Road Built with Processed Steel Slag Aggregates” के रूप में मान्यता दी।
इस सड़क के निर्माण में लगभग 2 लाख टन प्रोसेस्ड EAF Steel Slag का इस्तेमाल किया गया। इससे लगभग इतनी ही मात्रा में प्राकृतिक पत्थर/वर्जिन एग्रीगेट के उपयोग से बचा जा सका और quarrying पर निर्भरता कम हुई।
Steel Slag को सीधे सड़क निर्माण में इस्तेमाल नहीं किया जाता। इसे ageing/stabilisation, metal recovery, crushing, screening, grading और quality testing जैसी प्रक्रियाओं से गुजारा जाता है। इसके बाद इसकी भौतिक, यांत्रिक, भू-तकनीकी और पर्यावरणीय उपयुक्तता की जांच की जाती है।
इस परियोजना की एक खास बात यह है कि सड़क के pavement में natural aggregates का 100% replacement किया गया। सड़क की pavement पारंपरिक सड़क की तुलना में लगभग 35% पतली रखी जा सकती है और निर्माण लागत में लगभग 40% तक कमी की संभावना बताई गई है।
केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने इसे “Waste to Wealth” की दिशा में महत्वपूर्ण उदाहरण बताया। उन्होंने इस तकनीक को एक परियोजना से आगे बढ़ाकर अन्य राज्यों और क्षेत्रों में अपनाने पर जोर दिया।