समुद्र मंथन योजना क्या है?
भारत सरकार ने offshore oil और natural gas exploration को बढ़ावा देने के लिए National Offshore Exploration Scheme को मंजूरी दी है। इस योजना को “समुद्र मंथन” नाम दिया गया है। यह Ministry of Petroleum & Natural Gas के अंतर्गत संचालित होने वाली Central Sector Scheme है।
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने अगस्त 2026 में इस योजना को मंजूरी दी। इसके Phase-I के लिए ₹84,084 करोड़ का परिव्यय निर्धारित किया गया है और योजना को वित्त वर्ष 2030-31 तक लागू किया जाना है।
योजना का मुख्य उद्देश्य
भारत अपनी ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए बड़ी मात्रा में crude oil और अन्य hydrocarbon resources का आयात करता है। ऐसे में घरेलू स्तर पर तेल और गैस के नए संसाधनों की खोज करना ऊर्जा सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण है।
समुद्र मंथन योजना का उद्देश्य offshore क्षेत्रों में exploration और production को तेज करना तथा deepwater क्षेत्रों में उपलब्ध संभावित hydrocarbon resources का बेहतर उपयोग करना है।
Deepwater Exploration पर जोर
समुद्र के गहरे हिस्सों में तेल और गैस की खोज तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण होती है। इसके लिए advanced seismic surveys, बेहतर geological data, आधुनिक drilling technology और specialised offshore infrastructure की आवश्यकता होती है।
इस योजना के माध्यम से बेहतर data availability, risk-sharing mechanisms, common infrastructure और domestic manufacturing capabilities को मजबूत करने का प्रयास किया जाएगा।
भारत की Energy Security के लिए महत्व
भारत की आर्थिक गतिविधियों के लिए petroleum और natural gas महत्वपूर्ण ऊर्जा स्रोत हैं। घरेलू उत्पादन बढ़ने से भविष्य में imported crude oil पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है।
सरकार के अनुसार, exploration सफल होने की स्थिति में योजना के तहत भारत का domestic oil और gas production लगभग 62 MMTOE से बढ़कर 80 MMTOE प्रतिवर्ष हो सकता है।
साथ ही hydrocarbon resource base को लगभग 1.6 billion TOE से बढ़ाकर 2.2 billion TOE तक करने का लक्ष्य बताया गया है।
आर्थिक महत्व
घरेलू hydrocarbon production में वृद्धि से crude oil imports पर होने वाले खर्च को कम करने में सहायता मिल सकती है।
सरकार के अनुसार, exploration सफल रहने पर अतिरिक्त उत्पादन से crude oil imports में लगभग ₹1 लाख करोड़ प्रतिवर्ष तक की कमी हो सकती है।
इसके अलावा offshore exploration ecosystem के विकास से oil और gas sector में technology, infrastructure, investment और domestic manufacturing को भी बढ़ावा मिल सकता है।
CGPSC के लिए क्यों महत्वपूर्ण?
समुद्र मंथन योजना CGPSC के लिए महत्वपूर्ण Current Affairs topic है। इससे भारतीय अर्थव्यवस्था, ऊर्जा सुरक्षा, प्राकृतिक संसाधन, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस, आयात निर्भरता और सरकारी योजनाओं से संबंधित प्रश्न पूछे जा सकते हैं।
अभ्यर्थियों को योजना का नाम, संबंधित मंत्रालय, वित्तीय परिव्यय, implementation period और इसके प्रमुख उद्देश्यों को विशेष रूप से याद रखना चाहिए।
निष्कर्ष
समुद्र मंथन योजना भारत के offshore hydrocarbon sector को बड़े स्तर पर विकसित करने की पहल है। इसका उद्देश्य नए तेल और गैस संसाधनों की खोज के साथ-साथ exploration technology, infrastructure और domestic capabilities को मजबूत करना है। सफल implementation से भारत की long-term energy security को मजबूती मिल सकती है।